इफ्तार में दिखी सियासत और रूहानियत, अखिलेश यादव ने मुल्क में अमन-चैन और 2027 में सपा सरकार के लिए मांगी दुआ
Lucknow News: रमजान के मुकद्दस महीने के दौरान आयोजित इस इफ्तार पार्टी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य रूप से शामिल हुए। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी और क्षेत्रीय विधायक रविदास मेहरोत्रा भी मौजूद रहे। जैसे ही शाम को अजान हुई, सभी रोजेदारों ने एक साथ मिलकर खजूर और फल खाकर अपना रोजा खोला।

इफ्तार के बाद आयोजित विशेष नमाज में देश की तरक्की और भाईचारे के लिए हाथ उठाए गए। इस दौरान इबादत में दो खास दुआएं शामिल रहीं। मुल्क में हमेशा शांति, खुशहाली और आपसी मोहब्बत कायम रहे। वर्ष 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की भारी जीत और सरकार बनने की कामना की गई।

धर्मगुरुओं का लगा जमघट
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी संस्कृति रही। पार्टी में किछौछा शरीफ, फिरंगी महल और नदवा जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के धर्मगुरुओं के साथ हिंदू और सिख संत भी शामिल हुए।
प्रमुख हस्तियों में स्वामी अप्रितानन्दजी महंत, संत मंसा सिंह, मौलाना सैय्यद कलीम अशरफ (जायस), मौलाना सैय्यद सिराजुद्दीन अशरफ (किछौछा शरीफ), हजरत मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली और मौलाना यासूब अब्बास जैसे कई नामी चेहरे इस मौके पर मौजूद रहे।

अल्पसंख्यक सभा का बड़ा आयोजन
आयोजक मौलाना इकबाल कादरी और राष्ट्रीय महासचिव यामीन खान ने सभी मेहमानों का इस्तकबाल किया। उन्होंने कहा कि इफ्तार केवल खान-पान का जरिया नहीं, बल्कि एक-दूसरे के करीब आने और समाज में नफरत को खत्म करने का एक माध्यम है।

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