‘निर्वाचन आयोग और BJP की मिलीभगत से लड़े जा रहे चुनाव’, अखिलेश यादव का बड़ा हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग के बीच ‘कथित मिलीभगत’ का आरोप लगाकर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि जिन राज्यों में वर्तमान में चुनाव हो रहे हैं, वहां भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।
अधिकारियों को भाजपा का एजेंट बनाया: अखिलेश
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल के हालिया घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। “पश्चिम बंगाल में चुनाव घोषित होते ही मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया गया। हमारा सवाल है कि यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान सपा की बार-बार शिकायतों के बावजूद ऐसे अधिकारियों को क्यों नहीं हटाया गया?”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से भाजपा ने ‘एजेंट’ की तरह काम लिया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज में कई अधिकारी भ्रष्टाचार और दबाव के कारण खुद नाखुश हैं।
मिशन 2027 और PDA का संकल्प
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में जिस तरह PDA ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी, वही अब 2027 का आधार बनेगा। “हमें जानकारी है कि अन्य राज्यों के चुनाव खत्म होते ही भाजपा की पूरी सरकारी मशीनरी उत्तर प्रदेश की ओर रुख करेगी। हम इस ‘साजिश’ का मुकाबला करने के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं।” भाजपा के ‘अच्छे दिन’ के वादे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि उनके बुरे दिन खत्म होने वाले हैं और प्रदेश में प्रगतिशील समाजवादी सरकार बनने वाली है।
किसानों और भ्रष्टाचार पर घेराव
अखिलेश ने कानपुर के किडनी कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसमें भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों की आय दोगुनी करने में विफल रही है। डीजल, पेट्रोल, खाद और बीज की बढ़ती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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