‘विपक्ष में बैठने के लिए अभी से मेहनत कर रही है BJP’, पदयात्रा पर अखिलेश यादव का करारा तंज
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा की पदयात्रा और सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसी सरकार देख रहे हैं जो सत्ता में रहते हुए भी ‘विपक्ष’ में बैठने के लिए अभी से ज़ोर-शोर से मेहनत कर रही है।
पदयात्रा और ‘धूप’ पर कटाक्ष
सुबह हुई भाजपा की पदयात्रा पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “इतनी तेज़ धूप में बिना चश्मा लगाए पदयात्रा की गई। पहली बार कोई सरकार अपने ही बिल (महिला आरक्षण) के प्रचार के लिए इतनी जद्दोजहद कर रही है। हकीकत तो यह है कि अब जब भाजपा जाएगी, तो फिर कभी वापस नहीं आएगी।”
फतेहपुर के उस चाय दुकानदार का जिक्र करते हुए, जिसने अखिलेश यादव को चाय पिलाई थी और अब प्रताड़ना के कारण दुकान बंद कर दी, सपा प्रमुख भावुक और हमलावर दिखे। उन्होंने कहा “हमें एक लड़के ने चाय क्या पिला दी, उसकी दुकान ही बंद करा दी गई। ये लोग किसी को रोजगार तो दे नहीं पा रहे, उल्टा जो अपना काम कर रहा है उसे उजाड़ रहे हैं। शायद उन्हें यह बात बुरी लग गई कि कोई कह रहा था कि ‘हमसे अच्छी चाय कोई नहीं बना पाता’।”
महिला आरक्षण और ‘दरारवादी’ राजनीति
महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में गिरने पर अखिलेश ने इसे भाजपा की ‘बदनीयत’ की हार बताया। उन्होंने कहा “महिला आरक्षण बिल तो पहले ही पास हो चुका था, इस बार इनकी बदनीयती फेल हुई है।” उन्होंने भाजपा को ‘दरारवादी’ बताते हुए कहा कि इनके छिपे हुए संघी साथियों के मंसूबे काम नहीं आए। आज देश की महिलाओं को आरक्षण से पहले ‘संरक्षण’ की जरूरत है।
सीएम योगी के बयान पर ‘वनस्पति’ वाला तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ के संदर्भ में दिए गए बयान पर भी अखिलेश यादव ने चुटकी ली। उन्होंने इसे ‘वनस्पति’ का असर बताते हुए कहा कि भाजपा बार-बार झूठ का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने मांग की कि सरकार सदन में यह स्पष्ट करे कि आखिर जो बिल पास हुआ था, उसकी असलियत क्या थी।
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