एनआईए ने मालदा न्यायिक अधिकारी बंधक मामले में 15 और आरोपियों को किया गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बीते 1 अप्रैल को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी सफलता हासिल की है। एनआईए की टीम ने सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार सुबह तक मालदा के अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी कर 15 और आरोपियों को धर-दबोचा। जांच एजेंसी ने इन सभी आरोपियों की पहचान मुथाबारी इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद की है, जहां घटना वाली रात न्यायिक अधिकारियों पर हमला कर उन्हें बंधक बनाया गया था।
इन सभी गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार को कोलकाता स्थित एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। ताजा गिरफ्तारियों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर अब 65 हो गई है।
भीड़ ने ब्लॉक कार्यालय में बनाया था बंधक
पकड़े गए आरोपी मुख्य रूप से मालदा के मुथाबारी और कालियाचक इलाके के रहने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल को जब न्यायिक अधिकारी मुथाबारी में अपना सरकारी काम कर रहे थे, तभी एसआईआर सूची से नाम हटाए जाने से नाराज प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद अधिकारियों को कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय में देर रात तक बंधक बनाकर रखा गया, जहां उनके साथ बदसलूकी और दुर्व्यवहार की खबरें भी सामने आई थीं।
शुरुआत में इस गंभीर मामले की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी (CID) को सौंपी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद इस केस को एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया। कमान संभालते ही केंद्रीय एजेंसी ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है और लगातार उपद्रवियों को चिह्नित कर सलाखों के पीछे भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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