बरेली SSP ने हिस्ट्रीशीटर की निगरानी में फेल दारोगा को किया सस्पेंड, पेंडिंग विवेचनाओं पर भी गिरी गाज

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य एक्शन मोड में हैं। मंगलवार रात करीब 8 बजे गूगल मीट के जरिए आयोजित डेली समीक्षा गोष्ठी में काम में घोर लापरवाही बरतने वाले एक उपनिरीक्षक पर कड़ी कार्रवाई की गई है। हिस्ट्रीशीटर की निगरानी न करने और विवेचनाओं में सुस्ती बरतने के आरोप में थाना सुभाषनगर (चौकी करगैना) क्षेत्र के दारोगा राजेन्द्र सिंह सिरोही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में जिले के सभी पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और सभी थाना प्रभारी मौजूद थे, जिन्हें एसएसपी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सुभाषनगर के करगैना चौकी क्षेत्र का रहने वाला अजय साहू (23 वर्ष) एक शातिर अपराधी है और उसकी हिस्ट्रीशीट (संख्या 23B) भी खुली हुई है।

इस शातिर ने 15 जनवरी, 2026 को बारादरी थाना क्षेत्र में चलती बाइक से मोबाइल और पर्स छीनने की घटना को अंजाम दिया था (मु.अ.सं. 053/2026, धारा 307 BNS)। जेल जाने के बाद भी यह नहीं सुधरा और इज्जतनगर क्षेत्र में हुई एक अन्य छिनैती में भी इसका नाम सामने आया। इलाके का हिस्ट्रीशीटर होने के बावजूद उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह सिरोही ने न तो अजय साहू पर कोई प्रभावी निगरानी रखी और न ही यक्ष एप की एसओपी के तहत उसकी नियमित चेकिंग की। इसी लापरवाही के कारण अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम देता रहा।

35 में से सिर्फ 11 विवेचनाओं का निपटारा

दारोगा राजेन्द्र सिंह सिरोही की लापरवाही सिर्फ हिस्ट्रीशीटर की निगरानी तक ही सीमित नहीं थी। जब SSP ने उनके काम का रिपोर्ट कार्ड चेक किया, तो अपराध नियंत्रण में उनकी घोर उदासीनता उजागर हुई। माह अप्रैल में उन्हें कुल 35 मामलों की विवेचना सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने मात्र 11 मामलों का ही निस्तारण किया।

क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयुध अधिनियम (Arms Act), जुआ अधिनियम, 110G, पुलिस अधिनियम की धारा 34 और वाहनों के सीजर जैसी कोई भी निरोधात्मक कार्रवाई उनके द्वारा नहीं की गई। इन तमाम लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

बैठक के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत देते हुए एक नया नियम लागू किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई अभ्यस्त अपराधी किसी अपराध को अंजाम देता है, तो वह अपराधी जिस इलाके का रहने वाला है, सीधे तौर पर वहां के दारोगा की जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया

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