पूर्वांचल का खूंखार बदमाश भानु प्रताप सिंह STF एनकाउंटर में ढेर, AK-47 बरामद

UP News: पूर्वांचल के चर्चित अपराधियों में शामिल भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू अयोध्या में हुई STF मुठभेड़ में मारा गया। दो लाख रुपये के इनामी इस बदमाश पर हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर के बेलाघाट क्षेत्र के बिखनीपुर निवासी भानु प्रताप की लोकेशन मिलने पर प्रयागराज STF यूनिट ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र स्थित अहमदपुर घाट तिराहे के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।

जवाबी कार्रवाई में भानु प्रताप को गोली लगी। मुठभेड़ में STF प्रयागराज यूनिट के प्रभारी जेपी राय और एक सिपाही भी घायल हुए। मौके से STF ने एक AK-47 राइफल और पिस्टल बरामद की है।

चार जिलों में घोषित था दो लाख का इनाम

भानु प्रताप सिंह पर विभिन्न जिलों की पुलिस ने कुल दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसमें आजमगढ़ पुलिस की ओर से एक लाख रुपये, अंबेडकरनगर से 50 हजार रुपये, गोरखपुर से 25 हजार रुपये और बस्ती पुलिस की ओर से 15 हजार रुपये का इनाम शामिल था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार और अन्य संगीन धाराओं में 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं।

दिल्ली से दबोचा गया 50 हजार का इनामी गोतस्कर

इधर, मुरादाबाद के मैनाठेर थाने में दर्ज गोकशी के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी अशफाक उर्फ भूरा उर्फ नाजिम को STF बरेली यूनिट ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 में आरोपी गोकशी के बाद गोमांस से भरी कार लेकर दिल्ली की ओर जा रहा था। पुलिस को देखकर वह वाहन छोड़कर फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था।

दिल्ली से गाजियाबाद तक फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि अशफाक उर्फ भूरा का नेटवर्क दिल्ली, गाजियाबाद और मुरादाबाद तक फैला हुआ था। उसके खिलाफ गोकशी, जालसाजी, आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का दावा है कि आरोपी चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल कर अवैध कारोबार को अंजाम देता था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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