मुख्तार अंसारी की कुर्क संपत्ति पर नया दावा, कोर्ट ने अब्बास अंसारी समेत अन्य पक्षों से 27 जून तक मांगा जवाब
Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किए गए माफिया मुख्तार अंसारी के महुआबाग स्थित होटल गजल के मालिकाना हक की कानूनी लड़ाई अब और पेचीदा हो गई है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए शक्ति सिंह की अदालत में शनिवार को इस संपत्ति पर अपना हक जताते हुए एक नया प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मऊ के विधायक अब्बास अंसारी, मोतीलाल वर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) को याचिका की कॉपी सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने इस पूरे विवाद पर विस्तृत सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है और तब तक सभी पक्षों से लिखित आपत्ति मांगी है।
दरअसल, जिला प्रशासन के आदेश पर कुर्क किए गए इस होटल पर पिछले दिनों मोती सेठ नामक व्यक्ति ने अपना दावा पेश किया था, जिस पर कोर्ट ने विधायक अब्बास अंसारी से जवाब मांगा था। इसी बीच शनिवार को अभिषेक अग्रवाल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एक नया मोड़ ला दिया। अभिषेक का आरोप है कि मोतीलाल वर्मा ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची और धोखाधड़ी के जरिए इस जमीन को अपने नाम कराया था। बाद में इस जमीन का फर्जी ट्रांसफर स्वर्गीय मुख्तार अंसारी के नाम पर कर दिया गया।
याचिकाकर्ता अभिषेक अग्रवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गाटा संख्या-100 की जमीन पर उन्हें डरा-धमकाकर अवैध तरीके से गजल होटल का निर्माण कराया गया था। उन्होंने अदालत से इस पूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच कराने और जमीन पर अपने मालिकाना हक को वापस दिलाने की मांग की है। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा कराई गई पैमाइश में इस होटल के निर्माण और रजिस्ट्री में बड़े पैमाने पर हेराफेरी मिली थी, जिसके बाद एसडीएम ने इसका नक्शा भी निरस्त कर दिया था। इस अवैध निर्माण और जालसाजी के मामले में मुख्तार अंसारी की पत्नी और दोनों बेटों समेत 12 लोगों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज है।
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