US-Iran War खत्म होने पर लगी आधिकारिक मुहर, ट्रंप और पेजेशकियां ने शांति समझौते पर किए साइन
US-Iran Peace Agreement: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में बड़ा मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियां ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच जारी टकराव को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान यह ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया। वर्साय पैलेस (Versailles Palace) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ट्रंप ने समझौते की हार्ड कॉपी पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद मौजूद नेताओं और मेहमानों ने तालियां बजाकर इस कदम का स्वागत किया।
महीनों की बातचीत के बाद बनी सहमति
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से बैक-चैनल बातचीत चल रही थी। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे मुद्दों पर लगातार वार्ताएं हो रही थीं।
कई दिनों तक इस समझौते को गोपनीय रखा गया। बाद में अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्ष एक साझा मसौदे पर सहमत हुए हैं।
US-Iran Peace Agreement में क्या-क्या शामिल?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं।
- ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को सीमित करने के लिए नया न्यूनतम मानक तय किया गया है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से 60 दिनों तक जहाजों की बिना किसी शुल्क के आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
- लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
- अमेरिका ईरान पर लगाए गए कुछ प्रमुख आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने की दिशा में कदम उठाएगा, हालांकि सभी प्रतिबंध तत्काल समाप्त नहीं होंगे।
तय तारीख से पहले ही ट्रंप ने किए हस्ताक्षर
जानकारी के अनुसार इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर स्विट्जरलैंड में होने थे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इसके लिए तैयार था।
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने तय कार्यक्रम से पहले ही फ्रांस में मौजूद रहते हुए समझौते की हार्ड कॉपी पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पहले दोनों पक्ष डिजिटल हस्ताक्षर भी कर चुके थे।
ईरान ने भी लगाई मुहर
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियां ने भी समझौते (US-Iran Peace Agreement) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि ईरान की ओर से इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि समझौते के बाद आगे की वार्ता प्रक्रिया किस रूप में चलेगी और अंतिम क्रियान्वयन की समय-सीमा क्या होगी।
दुनिया की नजर अगले कदम पर
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है और इस क्षेत्र में स्थिरता को पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौते की शर्तों को सफलतापूर्वक लागू किया गया तो इससे न केवल अमेरिका और ईरान के रिश्तों में सुधार आएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
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