जंतर-मंतर प्रदर्शन पर जांच का शिकंजा, CJP से जुड़ी 5 कंपनियां एजेंसियों के रडार पर, 4 शहरों में छापेमारी
Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसियां कथित विदेशी फंडिंग, डिजिटल कैंपेन और सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए जुटाए गए पैसों की पड़ताल कर रही हैं।
शुरुआती जांच में पांच से अधिक कंपनियां एजेंसियों के रडार पर आई हैं, जिनमें डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर से जुड़ी कंपनियां भी शामिल बताई जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, कैंपेन से जुड़े दस्तावेज, इंफ्लुएंसर्स के साथ हुए एग्रीमेंट और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। एजेंसियों ने कुछ डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं।
इंफ्लुएंसर्स भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों को कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के सुराग मिले हैं। इन्हीं के आधार पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लिखित और डिजिटल सबूत जुटाने के बाद इस मामले में FIR भी दर्ज की जा सकती है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर एआई एडिटेड वीडियो और भ्रामक पोस्ट (Misleading Posts) सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। एजेंसियों ने अब तक करीब 2,000 संदिग्ध अकाउंट चिह्नित किए हैं।
जांच में कई अकाउंट विदेशों से संचालित होने का दावा है जिसमें करीब 700 अकाउंट भारत से संचालित बताए गए। वही डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने और नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है।
जैश आतंकी की साजिश का भी खुलासा
इसी बीच पश्चिम बंगाल STF ने जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के संदिग्ध आतंकी हामिम मंडल से पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन (Jantar Mantar Protest) के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ करने की साजिश रची थी।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि उसके निशाने पर कुछ पुलिस अधिकारी और राजनीतिक नेता भी थे। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और उसके संभावित लिंक की गहन जांच कर रही हैं।
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