Lucknow News: रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर होम्योपैथिक फार्मासिस्टों ने किया धरना-प्रदर्शन

Lucknow News: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ढुलमुल कार्यप्रणाली के खिलाफ गुरुवार को राजधानी लखनऊ स्थित आयोग मुख्यालय (पिकअप भवन) पर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। विज्ञापन संख्या 09/2024 के तहत होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती के अंतिम परिणाम की मांग को लेकर पूरे प्रदेश से आए 200 से अधिक अभ्यर्थी सुबह से ही मुख्यालय के बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक परिणाम को लेकर कोई ठोस और 100% लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, वे कदम पीछे नहीं हटाएंगे।

फरवरी 2025 में हुई थी परीक्षा

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि कुल 397 रिक्त पदों को भरने के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन 2 फरवरी, 2025 को ही कराया जा चुका था। इसके बाद परीक्षा में सफल रहे 2410 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन (डीवी) भी सितंबर 2025 में पूरा कर लिया गया। लेकिन दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के करीब 9 महीने बाद भी आयोग अंतिम चयन सूची (फाइनल रिजल्ट) जारी करने में आनाकानी कर रहा है।

रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर होम्योपैथिक फार्मासिस्टों ने किया धरना-प्रदर्शन

अधिकारी सिर्फ 15 दिन का झुनझुना थमा देते हैं

हरदोई जनपद से लखनऊ पहुंचे पीड़ित अभ्यर्थी राहुल मिश्रा ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, हम पिछले 9 महीनों में 9 बार अधिकारियों की चौखट पर गुहार लगाने लखनऊ आ चुके हैं। हर बार हमें सिर्फ 15 दिन में रिजल्ट जारी होने का खोखला आश्वासन दे दिया जाता है। आज पूरे यूपी से करीब 200 युवा यहाँ आए हैं, जो रात से भूखे-प्यासे हैं। हमें पता है कि रिजल्ट पूरी तरह बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद उसे जारी नहीं किया जा रहा है।

वहीं जौनपुर के राजेश प्रचेता ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, एसी कमरों में बैठे अधिकारियों को युवाओं के भविष्य और उनकी भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। बार-बार चक्कर कटवाए जा रहे हैं। जब तक परिणाम घोषित नहीं होता, हम यहाँ से टस से मस नहीं होने वाले।

रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर होम्योपैथिक फार्मासिस्टों ने किया धरना-प्रदर्शन

मानसिक और आर्थिक दबाव से जूझ रहे परिवार

मुख्यालय के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने आयोग पर लेती-लतीफी और वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के इस तरह अधर में लटके होने के कारण हजारों योग्य उम्मीदवारों का भविष्य दांव पर लगा है। रिजल्ट के लंबे इंतजार की वजह से वे और उनके परिवार गहरे मानसिक तनाव तथा आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।

परिणाम दो, न्याय दो के नारों से गूंजा पिकअप भवन

धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘हमारी मेहनत, हमारा अधिकार’, ‘परिणाम दो, न्याय दो’ और ‘हक लेकर रहेंगे’ जैसे गगनभेदी नारे लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। वे केवल अपने हक और समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया को संपन्न कराने की जायज मांग कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक अभ्यर्थियों का धरना जारी था और आयोग के किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा वार्ता की पहल नहीं की गई थी।

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