लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: बिल्डिंग मालिक समेत 4 पर गंभीर धाराओं में FIR, कानपुर में 22 संस्थान चिन्हित, 5 सील
Lucknow News: राजधानी के अलीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुरनिया इलाके में सोमवार को एक निजी कोचिंग सेंटर में दिल दहला देने वाला अग्निकांड सामने आया है। इस भीषण हादसे में अब तक 15 लोगों की असमय मौत हो चुकी है। घटना के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस और प्रशासन ने कड़ी विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में कोचिंग संचालित हो रही इमारत के मालिक सहित चार नामजद और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110, 125 और 3(5) के तहत मुकदमा कायम कर जांच की जा रही है।
लखनऊ के हादसे से जागा कानपुर प्रशासन, देर रात तक चली सीलिंग की कार्रवाई
लखनऊ में हुए इस भयावह हादसे के बाद पड़ोसी जिले कानपुर में भी हड़कंप मच गया है। कानपुर विकास प्राधिकरण ने मुस्तैदी दिखाते हुए नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान छेड़ दिया है। केडीए की टीमों ने शहर के चार अलग-अलग जोनों में तड़के और देर रात तक छापेमारी कर 22 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमों के उल्लंघन में चिन्हित किया है। इनमें से 5 संस्थानों को अधिकारियों द्वारा मौके पर ही सील कर दिया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया। वे फौरन ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और वहां चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की और साफ लफ्जों में कहा कि सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता झुलसे हुए लोगों को उच्च स्तरीय और सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के असली कारणों का खुलासा विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे मुख्यमंत्री, घायलों का हालचाल जाना
घटनास्थल का मुआयना करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती कराए गए घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इससे पहले मौके पर पहुंचे सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया को बताया था कि इस दर्दनाक हादसे में 14 बच्चों की जान जा चुकी है और गंभीर रूप से झुलसे 4 बच्चों को इलाज के लिए केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
डॉक्टरों की विशेष टीम इलाज में जुटी, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू
केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि अलीगंज अग्निकांड के पीड़ितों की जान बचाने के लिए सीनियर डॉक्टरों और सर्जनों की पूरी टीम लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिन बच्चों व अन्य लोगों की इस हादसे में असामयिक मृत्यु हुई है, उनके शवों का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने की आवश्यक विधिक प्रक्रिया को अस्पताल प्रशासन द्वारा शुरू कर दिया गया है ताकि शव परिजनों को सौंपे जा सकें।
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