JPSC धांधली केस में ED की एंट्री, PMLA के तहत दर्ज किया केस, छात्रों का प्रदर्शन फिर भी जारी
JPSE Protest: झारखंड में JPSC और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन से जुड़े मामले में ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया है। केंद्रीय एजेंसी अब इस पूरे मामले में कथित अवैध वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
जानकारी के मुताबिक, ED ने करीब एक सप्ताह पहले ही मामले में केस दर्ज किया था। एजेंसी की जांच का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि कथित गड़बड़ी में पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
छात्रों की CBI जांच की मांग, सरकार ने दिया ED का विकल्प
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। खासतौर पर JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच CBI से कराने की मांग पर छात्र अब तक अड़े हुए हैं।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित हुई थी। ऐसे में राज्य सरकार के पास इसे एकतरफा रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है।
सरकार ने छात्रों की CBI जांच की मांग के बीच वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन की जांच ED से कराने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में निगरानी कमेटी बनाने और आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात भी कही गई थी।
बातचीत के बावजूद CBI का पेच बरकरार
9 अगस्त को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में भी जांच को लेकर यही मुद्दा प्रमुख रहा था। सरकार ने वित्तीय गड़बड़ियों की जांच ED से कराने की बात कही, लेकिन छात्र CBI जांच की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
अब ED के PMLA के तहत केस दर्ज करने के बाद मामले का वित्तीय पहलू केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथ में आ गया है। हालांकि, छात्रों की मुख्य मांग CBI जांच को लेकर अभी भी सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
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