ओडिशा में विजिलेंस की छापेमारी में कार्यपालक अभियंता के ठिकानों से मिली करोड़ों की बेनामी संपत्तियां
Sandesh Wahak Digital Desk: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को संबलपुर में तैनात कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीएडीए) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पद्मलोचन नायक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई। सतर्कता विभाग की अलग-अलग टीमों ने कटक, संबलपुर, बालेश्वर और मलकानगिरी समेत कुल सात ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दायरे में कटक का एक तीन मंजिला मकान, संबलपुर में उनका किराए का आवास और बालेश्वर के मुखालिस गांव का पैतृक घर शामिल रहा।
अदालती आदेश के बाद शुरू हुई इस जांच में अधिकारी तब हैरान रह गए, जब इंजीनियर और उनके परिजनों के नाम पर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज सामने आए। अब तक की तलाशी में कटक में आलीशान मकानों के अलावा भुवनेश्वर, पुरी, जाजपुर और बालेश्वर जैसी प्राइम लोकेशंस पर 18 कीमती प्लॉट मिले हैं। इसके साथ ही करीब 3.45 लाख रुपये कैश, 20 लाख मूल्य के सोने के गहने और अमेरिका, श्रीलंका, नेपाल व बहरीन की विदेशी करेंसी बरामद की गई है। इतना ही नहीं, उनके बेड़े में 3 कारें, 2 जेसीबी, एक ट्रैक्टर और एक ट्रेलर भी शामिल हैं।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि पद्मलोचन नायक ने कई बार श्रीलंका की यात्राएं की थीं, जहां उनके जुआ (कैसीनो) खेलने के रैकेट से जुड़े होने का संदेह है। विजिलेंस की टीमें फिलहाल इस विदेशी कनेक्शन और अवैध कमाई के स्रोतों को लेकर आरोपी इंजीनियर से कड़े सवाल-जवाब कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ेगी, कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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