‘क्या अब नोटों का भी होगा निजीकरण?’ RBI के टेंडर पर अखिलेश ने BJP पर साधा निशाना

UP News: भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) की ओर से पॉलिमर शीट की खरीद के लिए जारी ग्लोबल टेंडर को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि क्या अब देश के नोटों का भी निजीकरण होने जा रहा है।

सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कमीशनखोरी का मॉडल अब इतनी दूर पहुंच चुका है कि देश की मुद्रा को लेकर भी निजीकरण की आशंका पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर देश की करेंसी ही आत्मनिर्भर नहीं होगी तो अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर कैसे बनेगी।

RBI के टेंडर पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि इतने संवेदनशील काम के लिए छोटा टेंडर जारी किया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब सरकार भी आउटसोर्सिंग पर चलाने की तैयारी है। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता पूरी करने जैसी भी लग सकती है, इसलिए सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक की नोट छापने वाली कंपनी BRBNMPL ने पॉलिमर आधारित नोटों के लिए आवश्यक पॉलिमर सब्सट्रेट (Polymer Sheet) के निर्माण और आपूर्ति के लिए वैश्विक कंपनियों से ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) आमंत्रित किए हैं।

यह कंपनी मैसूरु और पश्चिम बंगाल के सालबोनी स्थित प्रेसों में भारतीय मुद्रा की छपाई करती है। इस पहल को भारत में पॉलिमर नोटों की दिशा में शुरुआती तैयारी माना जा रहा है। EOI के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त निर्धारित की गई है।

पहले 10 और 20 रुपये के नोट

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती चरण में 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया जा सकता है। इसके बाद जरूरत और परीक्षण के परिणामों के आधार पर अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी जारी किए जा सकते हैं।

पॉलिमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स होंगे, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होंगे और जल्दी खराब नहीं होंगे।

हालांकि, फिलहाल यह केवल प्रारंभिक प्रक्रिया है। इसका मतलब यह नहीं है कि पॉलिमर नोट जल्द ही बाजार में आ जाएंगे। किसी भी अंतिम फैसले से पहले तकनीकी परीक्षण, मूल्यांकन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी

Also Read: ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर सख्त कानून की तैयारी, अमित शाह राज्यसभा में पेश करेंगे बिल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.