अमरोहा में सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी, बोले- माफिया या तो जेल में हैं या जहन्नुम में
Amroha News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमरोहा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने वर्ष 2007 से 2017 के दशक को याद दिलाते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश की 29 चीनी मिलों को बंद कर दिया था, जिनमें से 21 मिलों को औने-पौने दामों में बेचकर चीनी उद्योग को तबाह करने का काम किया गया। उन्होंने दावा किया कि अगर वही सरकारें आज होतीं, तो यूपी का पूरा चीनी उद्योग ठप हो चुका होता। आज भाजपा की डबल इंजन सरकार प्रदेश में 122 चीनी मिलों का शानदार संचालन कर रही है और किसानों को अब तक 3 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है।
सीएम योगी ने अमरोहा के बुनियादी ढांचे में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा, आज से 10 साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अमरोहा से दिल्ली, लखनऊ और प्रयागराज की दूरी इतनी कम और सफर इतना आसान हो जाएगा। विकास की यह गति यहीं नहीं रुकने वाली, अब हम अमरोहा से हरिद्वार की दूरी को भी और सुगम बनाने जा रहे हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह जी के सपने को साकार कर रही है…
बिना भेदभाव के हर तबके को गरीब-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रहे हैं… pic.twitter.com/C4GF9X7Xb5
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 18, 2026
2017 से पहले आस्था पर होता था प्रहार
विपक्ष की धार्मिक नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में सनातन आस्था पर लगातार प्रहार किए जाते थे। उस दौर में कांवड़ यात्रा रोक दी जाती थी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के सार्वजनिक उत्सवों पर पाबंदियां थीं और जय श्री राम बोलने वाले भक्तों पर लाठियां-डंडे बरसाए जाते थे। सरकारों के मौन रहते हुए न दुर्गा पूजा होने दी जाती थी और न ही रामनवमी की शोभायात्रा निकल पाती थी। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से आज पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रा, रामनवमी और जन्माष्टमी के भव्य आयोजनों पर कभी कोई रोक नहीं लगी है, बल्कि सुरक्षा के बीच ये त्योहार मनाए जा रहे हैं।
अमरोहा में पुराने दौर के भय को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा, 2017 के पहले हर जिले में दंगे आम थे। न बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। तब हमने साफ कहा था कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं या तो जेल या जहन्नुम। हमने वादा किया था कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और आज वे मिट्टी में मिल चुके हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती मंत्रियों के आतंक का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार आते ही सभी अपराधी दुम दबाकर अपने बिलों में छिप गए और प्रदेश से दहशत का हमेशा के लिए खात्मा हो गया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्री बेहद लाचार थे, जो खुद स्वीकार करते थे कि दिल्ली से 100 रुपये भेजने पर जमीन पर सिर्फ 15 रुपये पहुंचते हैं। योगी ने सवाल उठाया कि आखिर बीच के 85 रुपये कौन खा जाता था? उन्होंने आरोप लगाया कि यह 85 रुपये गरीबों के राशन, छात्रों की छात्रवृत्ति, किसानों की सम्मान निधि, वृद्धों व दिव्यांगों की पेंशन और गरीबों के आवास-शौचालय के पैसे थे, जिस पर सपा और कांग्रेस के लोग डकैती डालते थे। उन्होंने कहा कि आज सुशासन का मॉडल यह है कि दिल्ली या लखनऊ से भेजा गया 100 रुपये का पूरा हिस्सा बिना किसी भेदभाव के सीधे गरीब के बैंक खाते में ट्रांसफर होता है।
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