सोनम वांगचुक के अनशन पर पहली बार बोले राहुल गांधी, कहा- शांतिपूर्ण विरोध को दबाना गलत

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि जंतर-मंतर से वांगचुक को उस समय हटाया जाना गलत था, जब वह शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे थे। राहुल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है।

पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं पर जताई चिंता

राहुल गांधी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं देश के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं। उनके अनुसार सरकार को इन समस्याओं पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का बल प्रयोग छात्रों और उनके समर्थन में खड़े लोगों को अपनी आवाज उठाने से नहीं रोक सकता। राहुल ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि बच्चों के लिए तनावमुक्त और सुरक्षित माहौल बनाया जाना चाहिए।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

इस बीच, सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई। सूत्रों के अनुसार, इसके लिए विशेष रणनीति बनाई गई थी।

जंतर-मंतर पर मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाया गया, मंच को सफेद चादर से ढका गया और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई ताकि वांगचुक को बिना किसी टकराव के अस्पताल पहुंचाया जा सके। राहुल गांधी ने अपनी दूसरी पोस्ट में रिया कुमारी का भी जिक्र किया, जिन्होंने कथित पेपर लीक के बाद NEET-UG परीक्षा रद्द होने की पृष्ठभूमि में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि हर ऐसी घटना एक पूरे परिवार को तोड़ देती है।

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