सोनम वांगचुक को हटाना तानाशाही, अजय राय बोले- शिक्षा मंत्री को किया जाए बर्खास्त

Ajay Rai: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। शनिवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है।

अजय राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने “तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई” बताया।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान का किया जिक्र

अजय राय ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के समर्थन में सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके अनुसार, छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे वांगचुक को पुलिस ने जबरन जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।

धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग दोहराई

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान कभी भी शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को इस तरह नहीं दबाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना का सम्मान नहीं कर रही है। अजय राय ने कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय बलपूर्वक कार्रवाई की गई।

उन्होंने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग दोहराई। साथ ही कहा कि इस पूरे मामले में सरकार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

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