CJP Parliament March: जंतर मंतर पर लाठीचार्ज, प्रदर्शनकारी को किया जा रहा डिटेन, नेट भी बंद

CJP Parliament March: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर सोमवार सुबह राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। जंतर-मंतर पर सुबह से ही हजारों छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके समर्थक जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, लाठीचार्ज की खबरें सामने आईं और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है। भारी संख्या में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए हैं। कई जगह बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और संचार सेवाएं प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है।

 

सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे जंतर-मंतर

भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह युवाओं की आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने आए हैं।

उन्होंने कहा, “सरकार अपना धर्म निभा रही है, पुलिस अपना धर्म निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फर्ज निभाने आया हूं। एक भारतीय युवा होने के नाते मैं युवाओं का दर्द समझता हूं। उनके साथ अन्याय हो रहा है। हम सड़क पर भी लड़ेंगे और संसद में भी लड़ेंगे।”

CJP Parliament March को देखते हुए पुलिस ने कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कालकाजी क्षेत्र की निगम पार्षद आशु ठाकुर को भी पुलिस ने डिटेन किया। मौके पर वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले छोड़ने वाले वाहन और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले को कई सुरक्षा जोन में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बिना अनुमति मार्च, दिल्ली पुलिस ने दी चेतावनी

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि CJP ने संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली और न ही प्रशासन ने इसकी मंजूरी दी है। संसद सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा-163 लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वांगचुक अस्पताल में, फिर भी जारी आंदोलन

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो पिछले कई दिनों से अनशन पर थे, फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। उनके अस्पताल भेजे जाने के बाद भी आंदोलन जारी है। CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन (CJP Parliament March) तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती।

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