सोनम वांगचुक को हाई कोर्ट से राहत, मेदांता शिफ्ट करने की मांग हुई मंजूर
Sonam Wangchuk: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 24 दिनों से अनशन कर रहे वांगचुक को अब सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। यह आदेश उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो की याचिका पर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने दिया है।
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल ले जाया जाए। साथ ही सफदरजंग अस्पताल में अब तक हुए सभी मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट मेदांता के डॉक्टरों को सौंपने का आदेश दिया गया है। अदालत ने इलाज के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाने को भी कहा है।
केंद्र सरकार ने दी सहमति, लेकिन रखी यह शर्त
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने मांग की कि वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ जाकर खुद को अस्पताल से डिस्चार्ज न कराएं।
बता दें कि 21 दिन के अनशन के बाद शनिवार को दिल्ली पुलिस ने डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।
पहले भी हाई कोर्ट ने दिए थे मेडिकल निगरानी के आदेश
इससे पहले 16 जुलाई को हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। पुलिस का कहना है कि उन्हें अदालत के आदेश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दलील दी थी कि उन्हें बिना उचित सलाह के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार है। उनकी ओर से जारी पत्रों में भी अस्पताल में रहने को मजबूरी बताया गया था।
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