Prayagraj: इलाज बाद में, पहले स्ट्रेचर खोजिए! SRN अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने फिर खोली पोल
Prayagraj News: प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को डॉक्टर से पहले स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की तलाश करनी पड़ रही है। हालत यह है कि गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि उनके परिजन पूरे परिसर में स्ट्रेचर ढूंढते नजर आते हैं।
ताजा मामला शनिवार सुबह का है, जब एक महिला मरीज को अस्पताल लाया गया। परिजन उसे इमरजेंसी तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तलाशते रहे, लेकिन करीब आधे घंटे तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद स्ट्रेचर मिला और मरीज को इलाज के लिए अंदर ले जाया गया। इस दौरान मरीज दर्द से तड़पती रही और तीमारदार अस्पताल कर्मियों से मदद की गुहार लगाते रहे।
स्ट्रेचर लेने के लिए पूरी करनी पड़ती हैं ये औपचारिकताएं
अस्पताल में स्ट्रेचर या व्हीलचेयर लेने के लिए भी तीमारदारों को कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। नियमों के मुताबिक-
- पहले अपना आधार कार्ड जमा करना पड़ता है।
- उसके बाद ही स्ट्रेचर या व्हीलचेयर जारी की जाती है।
- मरीज को वार्ड या संबंधित विभाग तक पहुंचाने के बाद स्ट्रेचर वापस जमा करना होता है।
- स्ट्रेचर लौटाने के बाद ही आधार कार्ड वापस मिलता है।
इसके बावजूद कई बार जरूरत के समय स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
कमी नहीं, व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या
SRN अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की संख्या पर्याप्त है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में करीब 127 स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। बावजूद इसके मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसकी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि इस्तेमाल के बाद कई स्ट्रेचर वार्डों, गलियारों या अस्पताल परिसर में ही पड़े रह जाते हैं और उन्हें वापस निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंचाया जाता।
कई बार कर्मचारी भी यह कहकर जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं कि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं है, जबकि वह अस्पताल के किसी दूसरे हिस्से में पड़ा होता है। ऐसे में तीमारदारों को खुद पूरे अस्पताल में स्ट्रेचर ढूंढना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि SRN अस्पताल में यह समस्या नई नहीं है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के परिजनों को अक्सर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गंभीर मरीजों के मामले में इलाज शुरू होने से पहले ही काफी समय सिर्फ व्यवस्था तलाशने में निकल जाता है।
क्या बोला अस्पताल प्रशासन?
SRN अस्पताल के मुख्य अधीक्षक प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि अस्पताल में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। यदि किसी मरीज को समय पर स्ट्रेचर नहीं मिला है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था की जांच कराई जाएगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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