सदन में केंद्र पर बरसे अखिलेश यादव, बोले- जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोक सकते हैं
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गईं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर करारा प्रहार किया। धर्मेंद्र प्रधान के संदर्भ में तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जब वे संसद पहुंचे तो एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया। यह जाहिर करता है कि सत्तापक्ष के सदस्य कितने बड़े संकट से उबरे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार ने एक प्रधान की बलि टालकर असल में अपने प्रधानमंत्री का बचाव कर लिया है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही देश के शिक्षा ढांचे, प्रतियोगी परीक्षाओं और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है। NEET विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब छात्रों को उनके परिवारों का साथ मिला, तो यह एक विशाल जन-आंदोलन बन गया। इसी जन-आक्रोश के दबाव में आकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लीक हुए, यहाँ तक कि धार्मिक आयोजनों के दान-पुण्य में भी गड़बड़ी के आरोप लगे। उन्होंने कहा कि एनडीए के सांसदों को अपनी कुर्सी खिसकने का डर सताने लगा था, जिसके चलते सरकार को झुकना पड़ा।
भाजपा को भगवान भी माफ नहीं करेंगे क्योंकि आप चढ़ावा चोरी के साथ साथ गुप्त दान चोरी में भी शामिल हैं, ये पाप नहीं महापाप है।
– आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/xgci4fihu5
— Sunil Singh Yadav (@sunilyadv_unnao) July 28, 2026
सपा सांसद के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आपातकाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों की बात सुनकर बिल लाना बेहतर है या विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए देश पर इमरजेंसी थोप देना?
रिजिजू के इस बयान पर अखिलेश ने करारा जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने आपातकाल का दौर तो नहीं देखा, लेकिन उसका नज़ारा हाल ही में दिल्ली की सड़कों पर जरूर देख लिया है। उन्होंने साफ कहा कि समस्या कानूनों की कमी की नहीं, बल्कि सरकार की नीयत की है। जिस दिन नीयत साफ हो जाएगी, देश की पूरी परीक्षा प्रणाली अपने आप पारदर्शी हो जाएगी। सपा प्रमुख ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस तरह इमरजेंसी के बाद देश में बड़ा राजनीतिक बदलाव आया था, वैसा ही बदलाव अब भी होकर रहेगा।
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