कानपुर में 5600 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, दो गिरफ्तार, 65 लाख कैश बरामद
Kanpur News: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने 5600 करोड़ रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान बेकनगंज निवासी शाहजेव वारिस और चमनगंज निवासी सलमान के रूप में हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर जाजमऊ स्थित एक फर्म से 65 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, गिरोह ऑनलाइन गेमिंग एप, हवाला और इनवेस्टमेंट फ्रॉड के जरिए ठगी करता था। तीन साल में 76 फर्जी कंपनियों के खातों से 5600 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इन फर्मों के खिलाफ यूपी समेत कई राज्यों में NCRP पोर्टल पर 86 शिकायतें दर्ज हैं।
76 फर्जी कंपनियों से हुआ लेनदेन
जांच में शाहजेव की 11 फर्मों में दो साल के दौरान 170 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला। सलमान की दो फर्मों में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए 16 करोड़ रुपये आए। इनमें यस बैंक खाते में 10.99 करोड़ और कोटक बैंक खाते में 5.91 करोड़ रुपये शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 45 लोगों के नाम पर 76 बैंक खाते खुलवाए गए थे। 16 खाते ऑनलाइन गेमिंग एप से जुड़े थे, जिनमें 1037 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।
दुबई से हैदराबाद पहुंचते ही पकड़ा गया
एफआईआर की जानकारी मिलने के बाद शाहजेव दोबारा दुबई चला गया था। उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया। बाद में दुबई से हैदराबाद पहुंचने पर उसे हिरासत में लिया गया। कोर्ट से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर कानपुर लाया गया।
पुलिस ने जाजमऊ की HMS फर्म से बरामद 65 लाख रुपये जब्त कर ट्रेजरी में जमा किए हैं। गिरोह से जुड़े इखलाक हुसैन, मो. आरिफ, इतिशाम हुसैन, शाहवेज इलाही और मो. मुजम्मिल की तलाश जारी है। चांद सिद्दीकी और मो. अमान पहले से जेल में हैं। जांच में ICICI, HDFC, बैंक ऑफ बड़ौदा, बंधन, कोटक महिंद्रा और पंजाब एंड सिंध बैंक के नाम सामने आए हैं।
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