भारत 2027 से अमेरिका से बढ़ाएगा LPG आयात, मिडिल ईस्ट पर निर्भरता घटाने की तैयारी
India LPG Import: भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार 2027 से देश के कुल LPG (रसोई गैस) आयात का करीब 25% हिस्सा अमेरिका से खरीदने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करना, गैस की आपूर्ति को सुरक्षित बनाना और भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना है।
ईरान युद्ध और होर्मुज संकट के बाद बदली रणनीति
इस साल ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होने से भारत को LPG की कमी का सामना करना पड़ा था। हालात ऐसे बने कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार को उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक को घरेलू सप्लाई की ओर मोड़ना पड़ा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत ने 2.18 करोड़ टन LPG आयात किया था, जिसमें लगभग 90% गैस मिडिल ईस्ट से आई थी। वहीं, देश की कुल LPG जरूरत का करीब 66% हिस्सा आयात से पूरा होता है। ऐसे में किसी भी क्षेत्रीय तनाव का सीधा असर गैस आपूर्ति पर पड़ता है।
IOC, BPCL और HPCL जल्द जारी कर सकती हैं टेंडर
सूत्रों के मुताबिक, इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) अगले 1 से 2 महीनों में 2027 के लिए अमेरिका से LPG खरीदने के टेंडर जारी कर सकती हैं। कंपनियों का एक प्रतिनिधिमंडल अगले महीने अमेरिका जाकर आपूर्ति पर बातचीत भी करेगा।
इस बीच, जून 2026 में भारत ने पहली बार अमेरिका से 10 लाख टन से अधिक LPG आयात की। इस वर्ष यह आयात पहले से तय 22 लाख टन के वार्षिक लक्ष्य से भी अधिक रहने की संभावना है। जनवरी से जून 2026 के बीच देश में LPG की खपत 8% घटकर 1.47 करोड़ टन रही, जबकि आयात 28% गिरकर करीब 75 लाख टन रह गया।
केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में कहा कि सरकार LPG आयात के स्रोतों में विविधता ला रही है, ताकि भविष्य में किसी भू-राजनीतिक संकट का असर गैस आपूर्ति पर कम पड़े और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सके।

