एक बयान… और संसद में मचा हंगामा, जानिए प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी को लेकर ऐसा क्या कहा?
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के नए शिक्षा मंत्री को लेकर लोकसभा में मंगलवार को तीखा राजनीतिक विवाद छिड़ गया। परीक्षा में धांधली रोकने से जुड़े लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examination Amendment Bill 2026) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने सरकार पर निशाना साधते हुए एक विवादित टिप्पणी की। उनके बयान के बाद सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
प्रियंका गांधी ने बिना नाम लिए कहा कि सरकार ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया है, जिसने गुजरात के चर्चित मामले में दोषियों की रिहाई का स्वागत किया था। इस टिप्पणी पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
माफी की मांग पर अड़ा सत्ता पक्ष
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना प्रमाण किसी मंत्री की छवि खराब करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रियंका गांधी से अपने आरोप साबित करने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। रिजिजू ने यह भी कहा कि ऐसी टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।
इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने भी हस्तक्षेप करते हुए प्रियंका गांधी से कहा कि सदन में केवल तथ्यों के आधार पर ही बातें रखी जाएं और चर्चा को विधेयक तक सीमित रखा जाए।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने सदन में उठे आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनसे जुड़ा जो दावा किया गया है, वह पूरी तरह गलत है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने भी कहा कि किसी भी आरोप को रिकॉर्ड में लाने से पहले उसके समर्थन में ठोस प्रमाण होने चाहिए।
वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल (K.C. Venugopal) ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले भी सदन में कई नेताओं पर विवादित टिप्पणियां हुई हैं, जिन्हें रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया।
अखबार की कटिंग दिखाकर प्रियंका ने रखा पक्ष
विवाद के बीच प्रियंका गांधी ने सदन में एक समाचार पत्र की कटिंग दिखाते हुए कहा कि उनका बयान प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संबंधित मंत्री उस प्रकाशित बयान से भी इनकार कर रहे हैं।
बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर विधेयक पर चर्चा जारी रखने को कहा। इसके बाद प्रियंका गांधी ने छात्रों के आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा।
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