लखनऊ में देश का पहला मिलिट्री मेडिसिन विभाग शुरू, राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन
Military Medicine Department Lucknow: लखनऊ स्थित कमांड हॉस्पिटल (सेंट्रल कमांड) में देश के पहले समर्पित डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन की शुरुआत हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को इसका वर्चुअल उद्घाटन किया। सेना की मेडिकल सेवाओं के महानिदेशालय (DGMS) के तहत स्थापित यह विभाग सैन्य चिकित्सा, शोध, प्रशिक्षण और भविष्य के युद्धक्षेत्रों में चिकित्सा तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके माध्यम से सैनिकों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सैन्य चिकित्सा में विशेषज्ञता और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
युद्ध, आपदा और नई तकनीकों पर रहेगा विशेष जोर
नए विभाग में सैन्य ट्रॉमा, कॉम्बैट सर्जरी, आपातकालीन चिकित्सा, क्रिटिकल केयर, कॉम्बैट साइकेट्री, सैन्य मेडिकल लॉजिस्टिक्स, आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता एवं राहत (HADR) और केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर व विस्फोटक (CBRNE) खतरों से निपटने पर विशेष काम होगा। साथ ही टेलीमेडिसिन, सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मेडिकल सिस्टम और युद्धक्षेत्र में तकनीक आधारित इलाज को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
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— Sandesh Wahak (@sandeshwahakweb) July 29, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सैनिक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम में देश की सुरक्षा करते हैं। ऐसे में उनकी जरूरतों के अनुरूप विशेष चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि यह विभाग भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप देश की चिकित्सा क्षमता को और मजबूत करेगा।
युवा डॉक्टरों को मिलेगा विशेषज्ञता का अवसर
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह विभाग आर्मी मेडिकल कॉर्प्स के युवा डॉक्टरों को आधुनिक युद्धक्षेत्र चिकित्सा, बैटलफील्ड नर्सिंग और एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण देगा। छात्रों को मिलिट्री मेडिसिन में सुपर स्पेशलाइजेशन का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के लिए AI, वियरेबल डिवाइस, प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स और एडवांस डायग्नोस्टिक्स के उपयोग पर भी जोर दिया।
विभाग को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और भविष्य में इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के सैन्य चिकित्सा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में तैयार करने की योजना है।
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