Kanpur News: विश्व ORS सप्ताह पर अस्पताल में आयोजित किया जागरूकता सत्र
Kanpur News: भारतीय बालरोग अकादमी कानपुर शाखा द्वारा विश्व ओआरएस सप्ताह के उपलक्ष्य में श्याम नगर स्थित अंजलि हॉस्पिटल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र में अस्पताल के लगभग 25 नर्सिंग स्टाफ सदस्यों ने भाग लेकर दस्त और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचाव के तौर-तरीके सीखे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष श्रीवास्तव और डॉ. रितु श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
डायरिया में एंटीबायोटिक नहीं, ORS है असली इलाज
सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पूरे देश में डायरिया के कारण दम तोड़ने वाले बच्चों में से हर चौथा बच्चा उत्तर प्रदेश से होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों में दस्त से मौत का मुख्य कारण शरीर में पानी व लवणों की कमी होना है। 70 से 80 प्रतिशत बच्चों में दस्त का कारण वायरल इंफेक्शन होता है, इसलिए ऐसे मामलों में बेवजह एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन कराने से बचना चाहिए और समय रहते ओआरएस (ORS) का घोल देना शुरू करना चाहिए।
वहीं डॉ. रितु श्रीवास्तव ने बच्चों में निर्जलीकरण के गंभीर संकेतों के प्रति आगाह किया। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे को लगातार दस्त हो रहे हों, उल्टियां न रुक रही हों या पेशाब की मात्रा बहुत कम हो गई हो, तो ये बेहद गंभीर स्थिति के लक्षण हैं। ऐसे मामलों में बिना समय गंवाए बच्चे को तुरंत किसी निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।
हैलेट अस्पताल में बंटे ORS पैकेट और साबुन
इसी अभियान की कड़ी में दूसरा जागरूकता कार्यक्रम हैलेट अस्पताल की ओपीडी में डॉ. शैलेंद्र गौतम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। उन्होंने ओपीडी में आए आम नागरिकों व मरीजों के परिजनों को ORS के सही इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया। साथ ही, स्वच्छता का संदेश देते हुए उपस्थित जनमानस के बीच साबुन और ORS के पैकेट भी वितरित किए गए।
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