Michael Vaughan On Stephen Fleming: ‘इंग्लैंड के पास धोनी जैसा कप्तान नहीं’, फ्लेमिंग की नियुक्ति पर माइकल वॉन ने उठाए सवाल
Sports News: इंग्लैंड टेस्ट टीम के नए हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग की नियुक्ति को लेकर बहस शुरू हो गई है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने फ्लेमिंग को शानदार कोच बताया, लेकिन साथ ही उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर बड़ी चुनौती भी गिना दी।
वॉन का कहना है कि चेन्नई सुपर किंग्स में फ्लेमिंग को एमएस धोनी जैसा कप्तान मिला था, लेकिन इंग्लैंड में उनके पास ऐसा नेतृत्व नहीं होगा।
माइकल वॉन ने अपने कॉलम में लिखा कि स्टीफन फ्लेमिंग को पाकिस्तान के खिलाफ 19 अगस्त से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज से ही टीम के साथ जुड़ जाना चाहिए था।
हालांकि, वह दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे से अपनी पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।
फ्लेमिंग के देर से जुड़ने पर वॉन ने उठाए सवाल
वॉन के मुताबिक, किसी भी नए कोच के लिए शुरुआती समय काफी अहम होता है। इस दौरान उसे खिलाड़ियों, घरेलू क्रिकेट और टीम के माहौल को समझने का मौका मिलता है।
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड क्रिकेट की परिस्थितियों को जानने के लिए काउंटी कोचों से मिलना और मैदानों की जानकारी हासिल करना जरूरी है।

उन्होंने फ्लेमिंग के देर से कार्यभार संभालने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे यह संदेश जा सकता है कि इंग्लैंड की टेस्ट कोच की भूमिका अब पहले जैसी आकर्षक नहीं रही।
‘फ्लेमिंग के पास धोनी जैसा कप्तान नहीं होगा’
माइकल वॉन ने चेन्नई सुपर किंग्स में स्टीफन फ्लेमिंग की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्हें एमएस धोनी जैसा कप्तान मिला, जिसने मैदान पर टीम को बेहतरीन तरीके से संभाला।
उन्होंने कहा, “फ्लेमिंग एक शानदार मैनेजर और बेहतरीन रणनीतिकार हैं, लेकिन इंग्लैंड में उन्हें सबसे बड़ा अंतर महसूस होगा क्योंकि उनके पास एमएस धोनी जैसा कप्तान नहीं होगा।”
वॉन ने बताया कि सीएसके की सफलता में फ्लेमिंग के साथ धोनी की कप्तानी और गेंदबाजी कोच एरिक साइमंस की भूमिका भी अहम रही थी।
टीम ने सिर्फ तेज गेंदबाजी पर भरोसा नहीं किया, बल्कि स्विंग, नियंत्रण और रणनीति के दम पर मुकाबले जीते।
गेंदबाजी में बदलाव ला सकते हैं फ्लेमिंग
माइकल वॉन का मानना है कि फ्लेमिंग के आने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम की गेंदबाजी शैली में बदलाव देखने को मिल सकता है।
उनके मुताबिक, फ्लेमिंग सिर्फ तेज गेंदबाजों की रफ्तार पर निर्भर रहने के बजाय गेंद की स्विंग, लाइन-लेंथ और कौशल पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि स्टीफन फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम को किस दिशा में लेकर जाते हैं और क्या वह अपनी सीएसके वाली सफलता को इंटरनेशनल क्रिकेट में दोहरा पाते हैं।

