प्रतापगढ़ में 100 साल पुरानी इमारत ढही, मलबे में दबकर एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत
Pratapgarh Building Collapse: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में लगातार हो रही बारिश एक परिवार के लिए काल बन गई। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में गुरुवार देर रात करीब 100 साल पुरानी जर्जर इमारत (Dilapidated Building) अचानक भरभराकर ढह गई।
हादसे के वक्त परिवार के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। मकान गिरते ही पूरा परिवार मलबे में दब गया। कई घंटे चले राहत अभियान के बाद छह लोगों के शव निकाले गए, जबकि परिवार का एक युवक किसी तरह मलबे से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्य में मदद की, लेकिन भारी मलबे के कारण बचाव अभियान काफी मुश्किल रहा।
रात दो बजे मची चीख-पुकार
जानकारी के मुताबिक, हादसा रात करीब दो बजे हुआ। मकान में रहने वाले प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी, बेटा, बहू और परिवार के दो मासूम बच्चे कमरे में सो रहे थे। अचानक छत और दीवारें भरभराकर गिर गईं, जिससे सभी लोग मलबे में दब गए।
हादसे के दौरान परिवार का एक बेटा किसी तरह बाहर निकल आया और शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। इसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही सीओ सिटी आशुतोष मिश्र, नगर कोतवाली पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया।
काफी मशक्कत के बाद सभी लोगों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
एक कमरे में सो रहा था पूरा परिवार

सीओ सिटी आशुतोष मिश्र ने बताया कि मकान काफी पुराना और जर्जर था। जिस कमरे में एयर कंडीशनर (AC) लगा था, उसी में उमस और बारिश के कारण परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। इसी दौरान अचानक पूरी छत और दीवारें ढह गईं और बड़ा हादसा हो गया।
प्रशासन के मुताबिक, सात लोगों में केवल एक युवक ही किसी तरह बाहर निकल सका, जबकि बाकी छह लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
बारिश बनी हादसे की बड़ी वजह
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण इमारत की दीवारें और छत काफी कमजोर हो चुकी थीं। इसी वजह से रात में पूरा ढांचा अचानक ढह गया।
प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि मकान की जर्जर हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या चेतावनी दी गई थी या नहीं। साथ ही आसपास के पुराने और कमजोर मकानों का भी सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है।
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