दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को मायावती ने दी श्रद्धांजलि, बोलीं- बेटा राजनीति में आना चाहे तो दूंगी पूरा समर्थन
Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता और बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह (55) का बुधवार रात निधन हो गया। वे पिछले दो सालों से ब्रेन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। अमेरिका में इलाज के बाद तबीयत अधिक बिगड़ने पर दो दिन पहले उन्हें गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत कई दिग्गज नेताओं ने गहरा शोक जताया है।
गुरुवार को लखनऊ स्थित उनके आवास पर पहुंचकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें भावभीनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बेहद भावुक दिख रहीं मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें सगी बहन की तरह मानते थे और हर साल दिल्ली या लखनऊ आकर रक्षाबंधन पर राखी बंधवाते थे। उन्होंने कहा, दलित समाज से बाहर के कई लोग पार्टी में आए और धोखा देकर चले गए, लेकिन उमाशंकर जी ने कभी बसपा को धोखा नहीं दिया। मायावती ने ऐलान किया कि इस मुश्किल घड़ी में पार्टी उनके परिवार के साथ खड़ी है और यदि उनका बेटा राजनीति में कदम रखना चाहेगा, तो बसपा उसे पूरा प्रोत्साहन और समर्थन देगी।
उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने कहा-
बहुत दुख हुआ… सगी बहन की तरह मानते थे…
उनके बेटों को राजनीति में बढ़ावा दूंगी… pic.twitter.com/QX52vcdIXv
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) August 6, 2026
बलिया के खनवर गांव के रहने वाले उमाशंकर सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू की थी। वे एससी कॉलेज के महामंत्री और बाद में जिला पंचायत सदस्य रहे। 2012 में पहली बार रसड़ा से विधायक बनने के बाद उन्होंने 2017 और 2022 के चुनावों में भी शानदार जीत दर्ज की। वे यूपी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समधी भी थे। उनके निधन से उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व अब शून्य हो गया है, जिसे पूर्वांचल में पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

