लखीमपुर खीरी हिंसा केस में आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खारिज
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को अदालत ने उनकी जमानत की शर्तों में और ढील देने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उनकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें पैतृक स्थान जाने और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी।
जन्मदिन में शामिल होने की दी थी दलील
सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा के वकील ने कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण वह अपनी बेटियों के जन्मदिन जैसे पारिवारिक कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस पर सीजेआई ने कहा कि फिलहाल इस अनुरोध पर विचार करने का कोई आधार नहीं है और आवेदन खारिज किया जाता है।
गवाहों को लेकर भी उठे सवाल
पीड़ित किसान पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि मुकदमे की सुनवाई जल्दबाजी में होने से कई महत्वपूर्ण और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में आवेदन दाखिल करने की बात कही। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मुद्दे पहले अधीनस्थ अदालत के समक्ष उठाए जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कौन-से गवाह महत्वपूर्ण हैं, इसका फैसला निचली अदालत ही करेगी।
2021 में हुई थी हिंसा
3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों के प्रदर्शन के दौरान चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हुई थी। किसानों को कथित तौर पर एसयूवी से कुचल दिया गया था। इसके बाद भीड़ ने वाहन चालक और भाजपा के दो कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस हिंसा में एक पत्रकार की भी जान गई थी। दिसंबर 2023 में निचली अदालत ने आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं में आरोप तय किए थे। मामले की सुनवाई जारी है।
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