JPSC आंदोलन के बीच छात्रों ने हेमंत सोरेन का मांगा इस्तीफा, बोले- वे पद पर रहने के योग्य नहीं

Jharkhand Students Protest: झारखंड में JPSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। छह छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही। इसी बीच छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

CBI जांच की मांग, सरकार से बातचीत को तैयार छात्र

आंदोलनकारी छात्र राहुल क्रांति ने कहा कि छात्र सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। उनका सवाल था कि यदि राज्य सरकार जांच कर रही है तो CBI जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले छात्र चाहते थे कि सरकार का प्रतिनिधिमंडल धरनास्थल पर आए, लेकिन अब वे बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने को भी तैयार हैं।

बुधवार को राज्य सरकार के दो अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पहुंचकर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। छात्र अब अपने प्रतिनिधियों के नाम तय करने की प्रक्रिया में हैं।

तिरंगा मार्च और विधानसभा घेराव की तैयारी

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले में प्रभावी कदम नहीं उठा रहे, इसलिए वे पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं। इसी मांग को लेकर छात्रों ने तिरंगा मार्च भी निकाला। उन्होंने साफ किया कि 10 अगस्त को राज्य विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय समय पर होगा।

अनशनकारियों की बिगड़ रही तबीयत

भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो का अनशन चौथे दिन में पहुंच गया है, जबकि अन्य पांच छात्रों का तीसरा दिन है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई और न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।

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