दुष्कर्म के दोषी आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से झटका, नहीं मिली अंतरिम जमानत, केयरटेकर रखने की दी मंजूरी

Sandesh Wahak Digital Desk: नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कथित धर्मगुरु आसाराम उर्फ आशुमल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च अदालत ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर मांगी गई अंतरिम जमानत याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों की सिफारिश पर उन्हें चौबीसों घंटे सहायता के लिए अपनी पसंद का एक प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की इजाजत दे दी है। अदालत के इस आदेश का राजस्थान हाईकोर्ट से हाल ही में मिली 20 दिन की पैरोल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

एम्स की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ ने एम्स मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया। एम्स ने अपनी जांच में बताया कि 85 वर्षीय आसाराम कोरोनरी आर्टरी डिजीज, ऑस्टियोपोरोसिस और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है, केवल 24 घंटे मेडिकल केयरटेकर की जरूरत है। अदालत ने जमानत याचिका को लंबित रखते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती है, तो वे दोबारा अपील कर सकते हैं।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि आसाराम पक्ष ने पैरोल अर्जी की जानकारी कोर्ट से छिपाई। हालांकि, उनके वकील ने स्पष्ट किया कि पैरोल काफी समय पहले मांगी गई थी और उसका आधार अलग था। राजस्थान हाईकोर्ट ने जेल में अच्छे आचरण को देखते हुए 20 दिन की पैरोल दी थी। बता दें कि आसाराम को साल 2013 में एक नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में सजा सुनाई गई थी।

Also Read: हवा में उड़ते विमान का इमरजेंसी एग्जिट खोलने लगा यात्री, कोच्चि पहुंचते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार

Get real time updates directly on you device, subscribe now.