केशव मौर्य के बयान पर भड़के अरशद मदनी, बोले- मदरसों को आतंकवाद का केंद्र बताना पूर्वाग्रह की पराकाष्ठा
Sandesh Wahak Digital Desk: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय प्रमुख अरशद मदनी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मदनी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक और चुनावी फायदे के लिए मुस्लिम समुदाय और उनके शिक्षण संस्थानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसों की देशभक्ति पर सवाल उठाना और उन्हें गलत तरीके से ब्रांड करना देश के सामाजिक ताने-बाने और संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।
अंग्रेजों से माफी मांगने वाले उठा रहे मदरसों की भूमिका पर सवाल
मदनी ने करारा तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों के वैचारिक पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों से माफी मांगी थी, आज वही स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान देने वाले मदरसों पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का एकमात्र मकसद समाज में अविश्वास और नफरत पैदा करना है।
बता दें कि यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की उस टिप्पणी के बाद गहराया, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन की मदरसों पर रोक लगाने की मांग का समर्थन किया था। मौर्य ने आरोप लगाया था कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में मदरसे अनौपचारिक रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं और वहां पढ़ने वाले छात्रों में देशभक्ति के बजाय उग्रवादी सोच पनपती है। मदनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना और विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा करार दिया।
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