JPSC परीक्षा रद्द करने को सरकार तैयार, लेकिन CBI जांच पर अटका मामला, कल विधानसभा घेरेंगे छात्र
JPSC Protest: झारखंड में JPSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई। करीब पांच घंटे चली बैठक में सरकार ने JPSC परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग मान ली, लेकिन CBI जांच पर सहमति नहीं बन सकी।
छात्र नेताओं ने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द करने से मामला खत्म नहीं होगा। वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराने की मांग पर अड़े हैं। छात्र नेता कुणाल ने कहा कि जब तक CBI जांच को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने सोमवार 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान भी किया है।
JPSC रद्द, लेकिन CBI पर पेच
छात्र प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने पर सरकार सहमत हो गई है। इसके साथ ही JPSC की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार पर भी बात बनी है।
सरकार ने कथित अनियमितताओं के आपराधिक पहलू की जांच CID से कराने और वित्तीय मामलों की जांच के लिए ED से अनुरोध करने की बात कही है। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव है।
CGL पर भी नहीं बनी सहमति
CGL परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग पर सरकार ने कहा कि यह परीक्षा केंद्र सरकार के स्तर पर हुई है और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित की गई थी। इसलिए राज्य सरकार इसे अपने स्तर पर रद्द नहीं कर सकती।
सरकार ने CGL मामले की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगों पर बनी बात
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि करीब 98 फीसदी बिंदुओं पर सहमति बन गई है। भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की समिति बनाने की बात भी कही गई है।
हालांकि, CBI जांच छात्रों की सबसे बड़ी मांग बनी हुई है। इसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन (JPSC Protest) खत्म नहीं हुआ है। अब सोमवार के विधानसभा घेराव और सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।
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