महाराष्ट्र के पालघर में लगातार दो भूकंपीय झटकों से सहमे लोग

Sandesh Wahak Digital Desk: महाराष्ट्र के तटीय जिले पालघर के जव्हार-विक्रमगढ़ क्षेत्र में एक बार फिर भूकंप के दो लगातार झटकों से दहशत का माहौल बन गया। रिक्टर पैमाने पर इन झटकों की तीव्रता क्रमशः 3.2 और 3.4 दर्ज की गई है। राहत की बात यह रही कि कम तीव्रता होने के कारण क्षेत्र में किसी भी तरह के जान-माल की क्षति की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और नागरिकों से पैनिक न करने की हिदायत दी है।

जव्हार तालुका में 5 किमी गहराई में था केंद्र

पालघर जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, पहला झटका सोमवार रात 10:04 बजे महसूस हुआ, जबकि ठीक एक घंटे बाद रात 11:00 बजे दूसरी बार जमीन कांपी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, दोनों झटकों का केंद्र जव्हार तालुका में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने तथा भूकंप के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों का पालन करने का आग्रह किया है। मुंबई से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित पालघर में बीते कुछ समय से लगातार कम तीव्रता वाली भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।

जुलाई में भी कई बार महसूस हुए थे झटके

पालघर जिले के लिए भूकंप के झटके कोई नए नहीं हैं। इससे पूर्व 31 जुलाई को 3.5 तीव्रता, 28 जुलाई को पाटिलपाड़ा में और 25 जुलाई को मूसलाधार बारिश के बीच दहानू के गंजाड क्षेत्र में 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था। एक ही महीने के भीतर बार-बार आते झटकों से स्थानीय निवासी असमंजस और डर के साये में जीने को मजबूर हैं।

नासिक में भी कांपी थी जमीन, मकानों में आई थीं दरारें

पालघर से इतर, बीते दो दिनों में नासिक जिले में भी भूकंप ने दस्तक दी थी। शनिवार रात नासिक में 4.3 तीव्रता का तेज झटका दर्ज किया गया था, जिसके बाद रविवार सुबह 3.3 तीव्रता का दूसरा झटका आया। यह केंद्र महाराष्ट्र-गुजरात सीमा के पास भनवड इलाके में था। झटकों के कारण सुरगाणा तहसील के भादर और दिंडोरी के नानाशी में कुछ मकानों की दीवारों में दरारें आ गई थीं।

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