JPSC-JSSC विवाद में CM सोरेन ने झाड़ा पल्ला, लखनऊ की कंपनी और UP-बिहार के लोगों पर फोड़ा ठीकरा
Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने विधानसभा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि JPSC से लेकर CGL तक जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लखनऊ की TDPL कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा जांच को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है और परीक्षा सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विधानसभा में हंगामा, छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा उठा
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही छात्रों पर सोमवार को हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। BJP विधायक सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा।
सोमवार को हजारों छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते हुए पहुंचे थे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में घायल होने का दावा किया, जबकि पुलिस के मुताबिक उसके भी 14 जवान घायल हुए।
हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में मुख्यमंत्री (Hemant Soren) के संबोधन के तुरंत बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जबकि सत्र की निर्धारित अंतिम तारीख 12 अगस्त थी।
‘ज्यादातर मांगें मान लीं, बाकी पर भी होगा विचार’
Hemant Soren ने कहा कि परीक्षा सुधार को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की ज्यादातर मांगें सरकार मान चुकी है। बाकी मांगों पर भी आगे विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि TDPL द्वारा कराई गई झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी।
सरकार आगे परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए IIT विशेषज्ञों से भी सलाह लेने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार अपना काम करती रहेगी।
25 जुलाई से आंदोलन कर रहे छात्र
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र 25 जुलाई से आंदोलन (Jharkhand Student Protest) कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार, गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द करना और मामले की निष्पक्ष जांच शामिल है।
छात्र इस मामले में CBI जांच या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की समिति से जांच कराने की मांग पर भी अड़े हुए हैं। अब मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए बयान के बाद जांच की दिशा और सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर है।
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