सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए बनाई हाई पावर कमेटी

Supreme Court: कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले पिछले महीने हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए हाई पावर कमेटी गठित की है। यह समिति आंदोलन के दौरान पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की कार्रवाई की जांच करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, कमेटी की अध्यक्षता शीर्ष अदालत के पूर्व जज आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। समिति में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, सीबीआई के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व डीजीपी एल. आर. बिश्नोई शामिल हैं।

इन मुद्दों की होगी जांच

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी 20 मार्च को हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई की पड़ताल करेगी। इसमें प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के कथित जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल की जांच शामिल है।

इसके अलावा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कथित हिंसा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अपनाए गए तरीकों की भी जांच होगी।

कमेटी घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर यह देखेगी कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई तय नियमों और जरूरत के मुताबिक थी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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