दिल्ली में पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च उड़ेलकर लाठी-डंडों से पीटा, 3 घायल

Sandesh Wahak Digital Desk: देश की राजधानी दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र स्थित मुकुंदपुर (जनता विहार) में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा बिना वैध दस्तावेजों की एक बाइक जब्त करने से नाराज बाइक मालिक और उसके परिजनों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर ईंट व लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना ने हाल ही में लखनऊ के पारा में अवैध डेयरी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान दारोगा पर हुए हमले की यादें ताजा कर दी हैं।

आंखों में मिर्च पाउडर डालकर ईंट-डंडों से किया हमला

घटना 22 अगस्त की दोपहर की है, जब बीट पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल दिनेश और राजेश इलाके में चेकिंग कर रहे थे। एक संदिग्ध मोटरसाइकिल के दस्तावेज न मिलने पर पुलिस ने उसे दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 66 के तहत जब्त कर थाने में खड़ा करा दिया। इसके करीब आधे घंटे बाद बाइक मालिक अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचा और बहस करने लगा। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर फेंककर ईंट-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे हेड कांस्टेबल टीनू भी इस हमले में घायल हो गए।

17 साल का किशोर हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार

हमले के बाद पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मौके से एक 17 वर्षीय किशोर को हिरासत में ले लिया है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी सुनील उर्फ पंकज अपने अन्य साथियों के साथ फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक सुनील इलाके का घोषित ‘बैड कैरेक्टर’ (BC) है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। घायलों को चिकित्सीय सहायता दी गई है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

भलस्वा डेयरी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 121(1), 110, 61 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। फरार मुख्य आरोपी और उसके साथियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

Also Read: UP में स्कूलों की मान्यता अब और महंगी, 18% GST का बोझ, बढ़ सकती है स्कूलों की लागत?

Get real time updates directly on you device, subscribe now.