40 लाख रिश्वत लेते पकड़े गए CGST अफसर, CBI ने एडिशनल कमिश्नर समेत 3 को गिरफ्तार किया
Maharashtra CGST Bribery Case: महाराष्ट्र के रायगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में CGST के एडिशनल कमिश्नर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के बदले 40 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में CGST के एडिशनल कमिश्नर और IRS अधिकारी विनय कुमार कन्हेटी, रायगढ़ CGST के सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत शामिल हैं। CBI ने 26 अगस्त को केस दर्ज किया था और 27 अगस्त को तीनों की गिरफ्तारी की गई।
1.50 करोड़ की मांग, 40 लाख में हुआ सौदा
CBI के मुताबिक, शिकायतकर्ता की पत्थर खनन फर्म से जुड़े GST और रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए CGST सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा ने कथित तौर पर 1.50 करोड़ रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई।
आरोप है कि रिश्वत लेने के लिए सरकारी अधिकारियों ने नरेंद्र राजपूत को माध्यम बनाया था। शिकायत मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और नरेंद्र राजपूत को 40 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
तलाशी में 43 लाख कैश और 90 लाख की ज्वेलरी
ट्रैप कार्रवाई के बाद हुई पूछताछ में CGST के सुपरिंटेंडेंट और एडिशनल कमिश्नर की कथित भूमिका भी सामने आई। इसके बाद CBI ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके परिसरों की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान 43 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी और करीब 90 लाख रुपये की कीमत की ज्वेलरी बरामद होने की बात सामने आई है। CBI अब रिश्वत के इस पूरे नेटवर्क और बरामद संपत्ति से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। तीनों आरोपियों को सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

