UP में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, लखनऊ में 50 वर्षीय महिला ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) की मौजूदा लहर के बीच पहली मौत सामने आई है। लखनऊ के इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला ने गुरुवार को बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला में 24 अगस्त को निजी पैथोलॉजी की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।

परिवार के मुताबिक, महिला को कुछ दिन पहले सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस लेने में परेशानी हुई थी। पहले उनका इलाज निजी अस्पताल में कराया गया, जहां डॉक्टरों ने लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद 25 अगस्त को उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रिपोर्ट की जानकारी नहीं होने से बढ़ी परेशानी

परिवार का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराते समय डॉक्टरों और कर्मचारियों को महिला की Swine Flu पॉजिटिव रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी गई। इस दौरान उनकी सांस लेने में तकलीफ बढ़ती गई और हालत गंभीर होने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट और जीवनरक्षक उपकरणों पर रखा गया।

गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने डॉक्टरों को मोबाइल पर स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट दिखाई। रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए महिला के आसपास भर्ती मरीजों के नमूने लिए।

 

इसके अलावा इलाज में शामिल 17 डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मरीजों के नमूने भी केजीएमयू जांच के लिए भेजे गए हैं। महिला का इलाज करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को फिलहाल आइसोलेशन (Isolation) में रहने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की निगरानी

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, महिला की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट (Swine Flu Report) की पुष्टि किस जांच से हुई थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। संक्रमण की पुख्ता पुष्टि के लिए एलाइजा (ELISA Test) जांच रिपोर्ट को भी देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि महिला पिछले दिनों कहां-कहां गई थीं और किन लोगों के संपर्क में आई थीं। परिवार के सदस्यों की भी निगरानी की जाएगी। उन्हें एहतियात बरतने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी गई है।

डॉक्टरों के मुताबिक, Swine Flu के लक्षण सामने आने के बाद समय पर इलाज शुरू करना महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से बुखार शुरू होने के शुरुआती 48 घंटे में टेमिफ्लू (Tamiflu) जैसी एंटीवायरल दवा डॉक्टर की सलाह से दी जाती है। हालांकि, दवा और जांच को लेकर अंतिम निर्णय मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही किया जाता है।

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