सोनिया गांधी की किताब पर बढ़ा सस्पेंस, पेंगुइन ने प्रकाशन से किया इनकार, ये हिस्सा हटाने को कहा
Sonia Gandhi Book: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित किताब ‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) अब इस किताब का भारतीय संस्करण प्रकाशित नहीं करेगा।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला पांडुलिपि के एक हिस्से में कुछ संपादकीय बदलाव और अंश हटाने को लेकर बनी असहमति के बाद हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, पेंगुइन की ओर से कुछ एडिटिंग और कटौती का सुझाव दिया गया था, जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद प्रकाशक ने किताब के भारतीय प्रकाशन से पीछे हटने का फैसला किया। हालांकि, पेंगुइन या सोनिया गांधी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब दूसरे प्रकाशकों की नजर
पेंगुइन के पीछे हटने के बाद कई दूसरे प्रमुख प्रकाशक किताब के भारतीय अधिकार हासिल करने की दौड़ में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हार्पर कॉलिन्स (HarperCollins) भारत में किताब के प्रकाशन और वितरण को लेकर समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है।
हालांकि, किताब (Sonia Gandhi Book) का अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक 10 नवंबर 2026 को अल्फ्रेड ए. नोपफ (Alfred A. Knopf) से होगा। किताब 544 पन्नों की है और इसकी शुरुआती 1 लाख प्रतियां छापने की घोषणा की गई है। पेंगुइन रैंडम हाउस किताब का ऑडियो संस्करण प्रकाशित करेगा।
निजी जिंदगी से लेकर राजनीति तक का सफर
‘बिलोंगिंग’ में सोनिया गांधी ने अपने बचपन से लेकर भारत आने, 1965 में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात और नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनने तक की कहानी साझा की है। किताब में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद उनके जीवन में आए बदलावों के साथ राजनीति में उनके प्रवेश और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले का भी जिक्र है।
Sonia Gandhi ने Book को अपने जीवन के बेहद निजी अनुभवों से जोड़ते हुए कहा है कि इसे लिखना उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, किताब में छह दशकों के दौरान भारत में आए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी देखने का नजरिया मिलेगा।
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