गाजियाबाद में कफ सिरप तस्करों पर एक्शन, 15 करोड़ की संपत्ति फ्रिज, एक साल तक नहीं मिलेगी जमानत
Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की कथित तस्करी (Codeine Cough Syrup Smuggling) में शामिल दो आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभोर राणा और विशाल सिंह के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट, 1988 (PIT-NDPS Act) के तहत जारी निरुद्धि आदेश की उत्तर प्रदेश सलाहकार बोर्ड, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुष्टि कर दी है। अब दोनों आरोपियों को 12 महीने तक निरुद्ध रखा जाएगा।
यह कार्रवाई ऑपरेशन प्रहार (Operation Prahar) के तहत अपराध शाखा और नन्दग्राम थाना पुलिस की ओर से की गई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में शामिल थे और जमानत मिलने के बाद दोबारा इसी तरह की गतिविधियों में शामिल होने की आशंका थी।
चार ट्रकों से मिली थी 1150 पेटी कफ सिरप
पुलिस के अनुसार, 3/4 नवंबर 2025 की रात स्वॉट टीम, अपराध शाखा और नन्दग्राम पुलिस ने मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में बरेली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम पर कार्रवाई की थी। यहां से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों की निशानदेही पर चार ट्रकों से 1150 पेटी कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद हुआ था। इसमें 850 पेटी Eskuf Cough Syrup और 300 पेटी Phensydyl Cough Syrup शामिल थीं। मौके से क्रेटा कार, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी मोहर भी बरामद की गई थी।
इस मामले में नन्दग्राम थाने में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
15 करोड़ की संपत्ति पहले ही फ्रीज
जांच के दौरान विभोर राणा और विशाल सिंह के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोप पत्र भी दाखिल किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है और उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
गाजियाबाद पुलिस ने इससे पहले दोनों आरोपियों की करीब 15 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत फ्रीज की थी।
पुलिस के मुताबिक, गाजियाबाद में पिछले करीब 10 वर्षों में PIT-NDPS एक्ट के तहत यह पहली कार्रवाई है। इस कानून का उद्देश्य मादक पदार्थों और मनःप्रभावी पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए संदिग्ध तस्करों को निवारक निरोध में रखना है। यह सामान्य NDPS एक्ट से अलग है, जिसमें अपराध के लिए गिरफ्तारी, मुकदमा और सजा का प्रावधान होता है।
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