पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद कौशांबी में बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में आरोपी नौशाद गिरफ्तार, कई पुलिसकर्मी भी नपे

Kaushambi Firecracker Factory Blast: कौशांबी (Kaushambi) में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद पुलिस का एक्शन तेज हो गया है। पुलिस ने मामले के नामजद आरोपी नौशाद (Naushad) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील गांव के पास तड़के करीब 4 बजे पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, नौशाद को घेरकर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली नौशाद के पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद करने का दावा किया है।

11 मौतों वाले ब्लास्ट में छह आरोपी नामजद

यह कार्रवाई पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी कस्बे में हुई पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट (Kaushambi Firecracker Factory Blast) के मामले में हुई है। सोमवार को फैक्ट्री में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ था।

धमाका इतना भीषण था कि आसपास के कई मकान मलबे में बदल गए। हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। कई परिवारों पर इस हादसे का गहरा असर पड़ा है।

मामले में पुलिस ने नौशाद, शकील, उसके बेटे आदिल, पत्नी शबाना, कहकशा और बेटी शाइना समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शबाना और शाइना को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। नौशाद की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस बाकी नामजद आरोपियों की तलाश में भी दबिश दे रही है।

पुलिसकर्मियों पर भी गिरी गाज

ब्लास्ट (Kaushambi Firecracker Factory Blast) के बाद पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बीच कई पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

इसके अलावा चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को भी लाइन हाजिर किया गया। बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

आरोप है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री और विस्फोटक सामग्री के भंडारण की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

लाइसेंस और विस्फोटक के नेटवर्क की भी जांच

जांच में सामने आया है कि नौशाद अपने बेटे आदिल के नाम से ‘आदिल डीजे’ के नाम पर पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि करीब दो साल पहले प्रशासन ने फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की थी।

हालांकि, फैक्ट्री के लाइसेंस और उसके संचालन की वैधता को लेकर प्रशासन की आधिकारिक जांच अभी जारी है। पुलिस अब इससे जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही है।

हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास के इलाकों में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की। मनौरी में एक मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और संबंधित मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।

वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS भी जांच में शामिल हो गई है। एटीएस और स्थानीय पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री फैक्ट्री तक कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।

पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा, उत्तराखंड और आसपास के जिलों में भी दबिश दे रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे मामले (Kaushambi Firecracker Factory Blast) में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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