3 साल के बच्चे का कोलेस्ट्रॉल पहुंचा 854, लखनऊ PGI में प्लाज्मा एक्सचेंज से बची जान
Lucknow News: लखनऊ के पीजीआई में तीन साल के बच्चे का गंभीर स्थिति में सफल इलाज किया गया। बच्चे के खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़कर 854 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक पहुंच गया था। दवाओं से पर्याप्त फायदा नहीं होने पर डॉक्टरों ने प्लाज्मा एक्सचेंज का सहारा लिया।
बच्चे को होमोजाइगस फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (HoFH) नाम की दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी थी। इसमें शरीर खराब कोलेस्ट्रॉल को खून से बाहर नहीं निकाल पाता। इससे कोलेस्ट्रॉल लगातार बढ़ता रहता है और त्वचा, नसों तथा हृदय की धमनियों में जमा हो सकता है। कम उम्र में हार्ट अटैक और हृदय संबंधी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।
मशीन से अलग किया गया अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल
मेडिकल जेनेटिक्स विभाग में जांच के बाद बीमारी की पुष्टि हुई। इसके बाद बच्चे को ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग भेजा गया। उसकी कम उम्र को देखते हुए डॉक्टरों ने विशेष प्लाज्मा एक्सचेंज की योजना बनाई।
इस प्रक्रिया में मशीन की मदद से खून से कोलेस्ट्रॉल वाला प्लाज्मा अलग किया गया। उसकी जगह उपयुक्त द्रव दिया गया और बाकी रक्त वापस शरीर में पहुंचाया गया। बच्चे का 20 सप्ताह तक हर सप्ताह यह उपचार किया गया। हर प्रक्रिया के बाद कोलेस्ट्रॉल में औसतन करीब 70 फीसदी की कमी आई।
इलाज के बाद त्वचा पर भी दिखा सुधार
डॉक्टरों के अनुसार बच्चे ने सभी प्रक्रियाएं आसानी से सहन कीं और कोई बड़ी जटिलता नहीं हुई। कोलेस्ट्रॉल घटने के साथ त्वचा पर जमा कोलेस्ट्रॉल भी कम हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कुछ प्रक्रियाएं मुफ्त भी की गईं।
PGI निदेशक डॉ. आरके धीमान ने टीम को बधाई दी। इलाज में डॉ. भरत सिंह, डॉ. अमिता मोइरांगथेम, डॉ. प्रीति एल्हेंस, डॉ. अनुपम वर्मा और डॉ. अजय जोसेफ शामिल रहे।
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