RRO-ARO पेपर लीक का वांछित आरोपी गिरफ्तार, STF ने दो को दबोचा, अब तक 32 आरोपी हो चुके हैं अरेस्ट

Lucknow News: उत्तर प्रदेश STF ने RRO/ARO परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग का सक्रिय सदस्य अनुराग मिश्रा और पेपर लीक मामले में वांछित पुष्कर पांडेय शामिल हैं। दोनों को 1 सितंबर 2026 की शाम लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र में आरटीआई भवन के पास पार्श्वनाथ अपार्टमेंट के नजदीक से पकड़ा गया।

दो साल से फरार था पुष्कर पांडेय

STF के मुताबिक पुष्कर पांडेय प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में दर्ज RRO/ARO पेपर लीक मुकदमे में करीब दो साल से वांछित था। इस मामले में अब तक कुल 32 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच STF लखनऊ के निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद अनुराग मिश्रा को दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार अनुराग मिश्रा का भाई आकाश मिश्रा दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार दलाल की हत्या के मामले में जेल में बंद है। अनुराग भी इस केस में वांछित बताया गया है। कोर्ट की ओर से 10 अप्रैल 2026 को उसके खिलाफ NBW जारी किया गया था।

पूछताछ में पेपर लीक को लेकर कई खुलासे

STF के अनुसार पूछताछ में पुष्कर पांडेय ने बताया कि वह 2024 में RRO/ARO भर्ती परीक्षा के पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था। आरोप है कि भोपाल की एक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर आउट कराया गया और अभ्यर्थियों को पेपर के उत्तर पढ़ाए गए। इसके लिए अभ्यर्थियों को अलग-अलग स्थानों पर जुटाया गया था।

पुलिस के मुताबिक पेपर लीक के बाद संबंधित परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। पुष्कर ने यह भी बताया कि इस मामले में नाम आने के बाद वह अपना मोबाइल आदि तोड़कर फरार हो गया था। STF ने उसके पास से एक फॉर्च्यूनर कार, 2,500 रुपये नकद, तीन स्मार्टफोन और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है।

STF की जांच में पुष्कर के खिलाफ प्रयागराज, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। उसके खिलाफ पहले से एक दर्जन से अधिक मामलों में वांछित होने की बात कही गई है।

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