पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बताया रणनीतिक साझेदारी का मुख्य स्तंभ
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में रक्षा और सुरक्षा को भारत-बेल्जियम संबंधों का मुख्य स्तंभ करार दिया। दोनों देशों के बीच मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति बनी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और जन-संबंध दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते संयुक्त विकास और उत्पादन के नए अवसर पैदा करेंगे।
पिछले एक दशक में दोनों देशों की साझेदारी पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक रक्षा तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंची है। भारत और बेल्जियम आधुनिक रक्षा उपकरणों, जैसे जोरावर टैंक पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विश्व के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक का विकास किया जा रहा है, जो हरित ऊर्जा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रथम विश्व युद्ध से जुड़ी साझा ऐतिहासिक जड़ें
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि बेल्जियम के साथ भारत के रिश्ते काफी गहरे हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम की धरती पर हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान दोनों राष्ट्रों की साझा स्मृतियों का एक गौरवशाली हिस्सा है। यही ऐतिहासिक जुड़ाव आज के लोकतांत्रिक और आर्थिक संबंधों को मजबूती प्रदान करता है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की 7.8% आर्थिक वृद्धि दर
दुनिया भर में जारी संघर्षों, फूड, फ्यूल और सप्लाई चेन की अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है और पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। भारत की यह आर्थिक प्रगति आज पूरे विश्व के लिए विश्वास और नए अवसरों का केंद्र बन रही है।
ऐतिहासिक ईयू-इंडिया एफटीए और नवीकरणीय ऊर्जा में नई साझेदारियां
वर्ष की शुरुआत में हस्ताक्षरित ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच वैश्विक स्थिरता और साझा समृद्धि को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुए नए समझौते से दोनों देशों के बीच सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन टेक्नोलॉजी के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।
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