चीनी-इथेनॉल के नाम पर किसानों के साथ बड़ा अन्याय, पूरे मामले की जांच हो: सुनील सिंह
Lucknow News: लखनऊ में आयोजित पत्रकार वार्ता में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने केंद्र सरकार की चीनी और इथेनॉल नीति पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान के खून-पसीने से उगाए गए गन्ने से चीनी और इथेनॉल का अरबों का कारोबार खड़ा हो रहा है, तो फिर किसानों की आमदनी और गन्ने के मूल्य में उस अनुपात में बढ़ोतरी क्यों नहीं की जा रही है?
सुनील सिंह ने सरकारी दावों को खारिज करते हुए इस पूरी नीति में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक चीनी और इथेनॉल नीति के तहत हुए पूरे वित्तीय लेन-देन की सीबीआई द्वारा स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह साफ हो सके कि नीति का वास्तविक आर्थिक लाभ पूंजीपतियों की जगह किसानों तक कितना पहुंचा है।

चीनी आयात पर रोक और टैक्सपेयर्स के पैसे के दुरुपयोग का आरोप
देश में पर्याप्त गन्ना उत्पादन के बावजूद चीनी आयात किए जाने पर लोकदल प्रमुख ने तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी आयात के नाम पर जनता के टैक्स का पैसा लूटा जा रहा है और बिचौलियों को कमीशन दिया जा रहा है। लोकदल की मांग है कि चीनी के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए या फिर आयात से जुड़े कमीशन का पूरा हिसाब सार्वजनिक कर वह पैसा किसानों को दिया जाए।
सरकार पर चुनिंदा उद्योगपतियों और मंत्रियों के परिवारों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सुनील सिंह ने कहा कि किसान को अपने ही गन्ने के भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है, जबकि व्यापारी मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चीनी-इथेनॉल के अतिरिक्त लाभ में किसानों की न्यायसंगत हिस्सेदारी, लाभकारी मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो लोकदल इस लड़ाई को गांव-गांव तक ले जाएगा।
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