यूपी पंचायत चुनाव से पहले ब्लॉक प्रमुखों को बड़ी राहत, नई गाइडलाइन लागू

UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव नहीं होने के कारण प्रशासक बनाए गए निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों को अब कामकाज को लेकर बड़ी राहत मिली है। पंचायती राज विभाग ने इनके अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। इससे ब्लॉक और जिला पंचायत स्तर पर रुके पुराने भुगतान और विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कार्यकाल खत्म होने से पहले कराए गए निर्माण और अन्य कार्यों का पहले की तरह भौतिक और तकनीकी सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद उनका भुगतान किया जा सकेगा। कर्मचारियों के वेतन समेत नियमित रूटीन काम भी प्रशासक निपटा सकेंगे।

बोर्ड से स्वीकृत काम भी शुरू करा सकेंगे

प्रशासक बनने से पहले बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए ऐसे कार्य, जिनकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ है, उन्हें भी शुरू कराया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए संबंधित प्रशासक को डीएम से अनुमति लेनी होगी।

बैठकों पर रहेगी रोक

नई क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के गठन तक प्रशासक कोई शासकीय या विभागीय बैठक नहीं कर सकेंगे। नीति, नियम, न्यायालय या अन्य आदेश के कारण जरूरी कामों के लिए ब्लॉक प्रमुख डीएम से अनुमति लेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष को इसके लिए मंडलायुक्त से मंजूरी लेनी होगी। मंडलायुक्त अधिकतम 15 दिनों में फैसला लेकर जानकारी देंगे।

जिन ब्लॉक प्रमुखों पर किसी आरोप में कार्रवाई हुई है, उनकी जगह उप जिलाधिकारी प्रशासक की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच साल का कार्यकाल 11 जुलाई और ब्लॉक प्रमुखों का 19 जुलाई को पूरा हुआ था। इसके बाद उन्हें प्रशासक बनाया गया।

Also Read: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक पर NIA ने हटाए आतंकी आरोप, सर्जियो गोर ने उठाया था मुद्दा 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.