सत्य निकेतन में अब बुलडोजर एक्शन, 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन, 7 इमारतें सील, 35 को नोटिस
Satya Niketan Incident: दिल्ली के सत्य निकेतन (Satya Niketan) में 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले दो दिनों में निगम ने करीब 1100 PG का सर्वे किया, जहां लगभग 20,250 छात्र रह रहे हैं।
सर्वे के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर कई संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। MCD के आंकड़ों के मुताबिक, दो दिनों में 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई, जबकि 7 संपत्तियां सील की गईं। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में 35 शो-कॉज नोटिस भी जारी किए गए हैं।
27 संपत्तियों को गिराने के आदेश
MCD ने दो दिनों में सीलिंग से जुड़े 6 शो-कॉज नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं 27 संपत्तियों के डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी में PG और इमारतों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच निगम की कार्रवाई और तेज हो गई है।
सत्य निकेतन में हादसे (Satya Niketan Incident) वाली इमारत से सटी बिल्डिंग को गिराने का काम भी शुरू कर दिया गया है। हादसे के बाद इस इमारत की मजबूती को लेकर चिंता जताई गई थी।
MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने पहले बताया था कि हादसे वाली इमारत से लगी बिल्डिंग कमजोर हो गई है। इसे सावधानी और चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। उन्होंने कहा था कि एक-दो दिनों में इसे गिराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
तीन महीने में 959 संपत्तियों पर डिमोलिशन
MCD की एक्शन टेकन रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से 31 अगस्त के बीच अवैध निर्माण के खिलाफ 959 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई।
वहीं 1 जून से 8 सितंबर के बीच 471 संपत्तियों को सील किया गया। इसी अवधि में अनधिकृत निर्माण के मामलों में 1551 UC शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। निगम ने इस दौरान 753 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए।
सिर्फ 8 सितंबर को ही MCD ने 17 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की और 5 संपत्तियों को सील किया। इस दिन अनधिकृत निर्माण से जुड़े 9 शो-कॉज नोटिस और सीलिंग से संबंधित 2 नोटिस भी जारी किए गए।
सत्य निकेतन हादसे (Satya Niketan Incident) के बाद MCD अब राजधानी के PG और अन्य इमारतों में निर्माण और संचालन से जुड़े नियमों की जांच कर रहा है। निगम का फोकस यह पता लगाने पर है कि संपत्तियों में निर्धारित सुरक्षा और निर्माण नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
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