35 हजार निवेशकों से 500 करोड़ की ठगी, UP के दो भाइयों को STF ने दबोचा, डेढ़ साल से थे फरार
UP Crime News: बदायूं (Badaun) और बरेली (Bareilly) में हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में यूपी एसटीएफ (UP STF) को बड़ी कामयाबी मिली है। स्पेशल टास्क फोर्स की नोएडा यूनिट और कोतवाली बदायूं पुलिस की संयुक्त टीम ने फरार चल रहे दो भाइयों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशिकांत मौर्य (Shashikant Maurya) और सूर्यकांत मौर्य (Suryakant Maurya) के रूप में हुई है। दोनों अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड (Amar Jyoti Universe Nidhi Limited) के डायरेक्टर बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों करीब डेढ़ साल से गिरफ्तारी से बच रहे थे।
पुलिस का आरोप है कि कंपनी के जरिए लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया गया। इसके बाद निवेश की गई रकम का कथित तौर पर गबन कर लिया गया। बदायूं, बरेली, पीलीभीत (Pilibhit) समेत कई जिलों के 35 हजार से ज्यादा निवेशक इस मामले से प्रभावित बताए जा रहे हैं और रकम 500 करोड़ रुपये से अधिक होने की बात सामने आई है।
15 हजार निवेशक सिर्फ बदायूं में प्रभावित
पुलिस के अनुसार, अकेले बदायूं में करीब 15 हजार निवेशकों ने इस कंपनी में पैसा लगाया था। मामले में कोतवाली बदायूं में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज है।
इन धाराओं में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर लगी रोक भी हट चुकी थी

बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शशिकांत और सूर्यकांत के खिलाफ बदायूं और बरेली में कई मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख किया था। हालांकि, इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने अप्रैल 2026 में उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी थी।
इसके बाद पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया। इससे पहले बरेली रेंज के DIG ने 1 जुलाई 2025 को दोनों आरोपियों की जानकारी देने पर प्रत्येक के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
अब दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच निवेशकों से जमा की गई रकम, कथित वित्तीय धोखाधड़ी और पैसे की रिकवरी पर केंद्रित रहेगी। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद इस पूरे मामले में निवेशकों की रकम और धोखाधड़ी के नेटवर्क से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।
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